शाकंभरी आपदा पर मुख्यमंत्री योगी का बड़ा एक्शन, ग्राउंड जीरो पहुंचकर लिया हालात का जायजा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

शाकंभरी आपदा पर मुख्यमंत्री योगी का बड़ा एक्शन, ग्राउंड जीरो पहुंचकर लिया हालात का जायजा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
सहारनपुर : सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी क्षेत्र में हाल ही में आई भीषण बाढ़ और उससे हुई जन-धन की हानि के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने न केवल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया, बल्कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री के दौरे को शाकंभरी क्षेत्र के विकास, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शाकंभरी आपदा पर मुख्यमंत्री योगी का बड़ा एक्शन, ग्राउंड जीरो पहुंचकर लिया हालात का जायजा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
कुछ दिन पहले शिवालिक पहाड़ियों में हुई भारी बारिश के कारण मां शाकंभरी देवी क्षेत्र की खोल में अचानक जलप्रवाह बढ़ गया था। देखते ही देखते सैलाब ने विकराल रूप धारण कर लिया और दर्जनों वाहन पानी की चपेट में आ गए। इस हादसे में दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि कई लोगों को प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद पूरे प्रदेश में चिंता का माहौल बन गया था और प्रशासन की तैयारियों को लेकर भी सवाल उठे थे। इसी घटना के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा तय किया गया। सोमवार को उनका हेलीकॉप्टर निर्धारित हेलीपैड पर उतरा, जहां जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री सीधे बाबा भूरा देव मंदिर और मां शाकंभरी देवी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों से मौके पर ही जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने उन स्थानों को भी देखा जहां अचानक आए जलप्रवाह ने भारी नुकसान पहुंचाया था। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आपदा के समय कौन-कौन सी व्यवस्थाएं लागू थीं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से जनहानि और धनहानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
स्थलीय निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार और जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से पूरी स्थिति का विवरण प्रस्तुत किया। पुलिस विभाग की ओर से एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, डीआईजी अभिषेक सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने सुरक्षा व्यवस्था और आपदा के दौरान किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। बैठक में मुख्यमंत्री ने शाकंभरी देवी कॉरिडोर और एलिवेटेड रोड निर्माण कार्यों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिरिक्त श्रमिक लगाकर शारदीय नवरात्रि तक एलिवेटेड रोड को पूरा करने का प्रयास किया जाए। यदि किसी कारणवश यह संभव न हो तो दिसंबर माह तक हर हाल में निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जब तक पुल और एलिवेटेड रोड का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के आवागमन के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग विकसित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रभावी योजना तैयार की जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में पार्किंग व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पार्किंग स्थल को बाबा भूरा देव मंदिर के निकट किसी सुरक्षित और उपयुक्त स्थान पर विकसित किया जाए। उनका मानना था कि मंदिर क्षेत्र में अनावश्यक वाहनों की भीड़ भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति को और गंभीर बना सकती है।
आपदा प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली वर्षा और जलप्रवाह की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। ऐसे स्थानों पर डिजिटल अलर्ट सिस्टम विकसित किए जाएं जहां अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। साथ ही श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को समय रहते चेतावनी देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में सूचना का त्वरित आदान-प्रदान बेहद आवश्यक है ताकि राहत और बचाव कार्य समय पर शुरू किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने खोल क्षेत्र के दोनों किनारों पर मजबूत बोल्डर लगाने के निर्देश भी दिए ताकि जलप्रवाह के दौरान कटाव और नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक निर्माण कार्य जल्द पूरे किए जाएं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाली दोनों महिलाओं के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों से पीड़ित परिवारों को दी गई सहायता की जानकारी ली। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने मुख्यमंत्री को बताया कि मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से निर्धारित आर्थिक सहायता प्रदान कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि दुकानदारों और अन्य प्रभावित लोगों को हुए आर्थिक नुकसान का सर्वे कराया जाए और पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाए। नगर विधायक राजीव गुंबर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रद्धालु को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
वहीं एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने बताया कि प्रशासन की ओर से मौसम और संभावित खतरे को लेकर पहले से अलर्ट जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि आपदा वाली रात अधिकारी तड़के तीन बजे से ही मौके पर मौजूद थे। हालांकि कई लोगों ने चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया और प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गए, जिसके कारण हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि भविष्य में और अधिक प्रभावी चेतावनी तंत्र विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा केवल एक औपचारिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शाकंभरी आपदा को गंभीरता से लिया जा रहा है। राहत, पुनर्वास, सुरक्षा और विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद अब प्रशासन पर इन योजनाओं को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भी उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाए जाएंगे, जिससे मां शाकंभरी देवी धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NPR BHARAT NEWS के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts